तू।
पास आना पसंद है मुझे,
कोमल चांदनी की तरह।
साथ रहना पसंद है मुझे,
तेरी ही साँस की तरह।
वचन का फुहारा बंद करती है, तू
मन के खेत को, बांध बनाती है।
हृदय में जनित प्रणय के सामने
मुझे रोकने वाली,
शायरी...
पास आना पसंद है मुझे,
कोमल चांदनी की तरह।
साथ रहना पसंद है मुझे,
तेरी ही साँस की तरह।
स्नेह की गोद में रहती है, तू
सुन्न भावों को गुनगुनाती है।
विवादी स्वर निकालती है, तू
मुझे पीड़ा देने वाली,
वीणा ...
पास आना पसंद है मुझे,
कोमल चांदनी की तरह।
साथ रहना पसंद है मुझे,
तेरी ही साँस की तरह।- [DS]

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