*दुनिया की नज़र हैं different*
*दुनिया की नज़र हैं different*
जो एक तू है भले ही बदसूरत-
for this world,
फिर भी मुझे ही क्यूँ लगता है तू
well-favoured.
हर चाल-ढाल तेरी,
नज़रों को मेरी,
होती है हू-ब-हू
jugglery,
हर एक याद तेरी,
साँसों को मेरी,
देती है जीने की
gallantry ...
भले ही लोग कहते हैं
कि जैसे हैं - Cotton candy,
मुझे तो लगता है तेरा ताज है
वो Hair, Curly.
दुनिया को लगता है तेरी आंखें ripe pulp of Malabar Tamarind,
और वह मानती तेरा लब है, उसका thick black Dried rind...
मुझे तो लगता है तेरे दो नैना, जैसे हैं shining stars,
और मैं मानता हूं कि तेरे लब हैं petals of a rose.
तेरी नाक है लोगों के लिए बस एक Java Plum,
लेकिन वह है मेरे लिए मेरी ही pneumatic helm.
रंग उसका कौए जैसा, फुसफुसाया whole town,
पर दिल चिल्लाया कि सबसे अच्छा colour is brown.
संसार पगला क्यूं सोचता,उसका तन है dried fire wood?
मुझे दिखाई देता है उसे like a wife of a God.
ख़ुदा ने उसे रचाई थी ऐसे for my tender age,
किस्मत ने उसे मिलवाया मुझसे in my blossoming age.
लोगों के पहलू में हैं parents,
क्योंकि उन्हें भी है वह ugly,
प्रिया के साथ हैं goddesses,
तो मैं रहता हूँ, necessarily.
—दुल्कान्ति Samarasinghe[𝐃𝐒.]

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